सही समय का इंतजार ?? आखिर कब तक ! अगर आप कोई बड़ा लक्ष्य पाना चाहते हैं तो किसी खास समय का इंतजार न करें, बल्कि जो समय है उसे ही खास बना लें

Stop waiting for the right time ... because the right time never comes


अगर आप कोई बड़ा लक्ष्य पाना चाहते हैं तो किसी खास समय का इंतजार न करें, बल्कि जो समय है उसे ही खास बना लें


सही समय का इंतजार ?? आखिर कब तक !


हम इंसान जब भी कुछ नया करने का सोचते हैं तब एक विचार जरूर मन में आता ही है " ये बहुत बढ़िया काम  है ,इसे तो एक सही समय पर शुरू करेंगे" ," अच्छा मुहूर्त देखकर शुरू करते हैं", " मैं पहले ये हासिल कर लूं फिर फलाना चीज शुरू करूँगा" आदि आदि।  और यकीन मानिए इस अच्छे समय का इंतजार में वर्तमान समय भी निकल जाता है; और जो चीज हमें आज शुरू करनी चाहिए , हो सकता है वह हफ्ते , महीने, साल कई साल तक शुरू ना हो पाए । बस उस एक अच्छे समय का इंतजार में । और जब आने वाला कल आ जाता है ,तो फिर नए कल पर टाल देते हैं

फिर आने वाले कल में एक नया बहाना आ ही जाता है। मान लीजिए आपका वजन ज्यादा है और उसके लिए आपको स्पेशल एक्सरसाइज एवं विशेष खाना लेने की जरूरत है ,पर आप उसे शुरू करने के एक विशेष समय के बारे में सोचते हैं , फिर सोचते हैं के यह बस कल से शुरु करते हैं। पर वो कल कभी नहीं आता। और वह बड़ा हुआ वजन अपने साथ कई और बीमारियों को ले आता है।
बहुत सारे अवसर ऐसे आते है, जब हम बुरे हालात का सामना कर रहे होते है और सोचते है कि क्या किया जा सकता है, क्योंकि इतनी जल्दी तो सब कुछ बदलना संभव नहीं है और क्या पता मेरा ये छोटा सा बदलाव कुछ क्रांति लेकर आएगा या नहीं लेकिन मैं आपको बता दूँ हर चीज़ या बदलाव की शुरुआत बहुत ही basic ढंग से होती है।

कई बार तो सफलता हमसे बस थोड़े ही कदम दूर होती है पर जब हम कि हम हार मान लेते है जबकि अपनी क्षमताओं पर भरोसा रख कर किया जाने वाला कोई भी बदलाव छोटा नहीं होता और वो हमारी जिन्दगी में एक नीव का पत्थर भी साबित हो सकता है | आईये एक कहानी पढ़ते है इसके द्वारा समझने में आसानी होगी कि छोटा बदलाव किस कदर महत्वपूर्ण है । एक लड़का सुबह सुबह दौड़ने को जाया करता था । आते जाते वो एक बूढी महिला को देखता था । वो बूढी महिला तालाब के किनारे छोटे छोटे कछुवों की पीठ को साफ़ किया करती थी , एक दिन उसने इसके पीछे का कारण जानने की सोची ।

वो लड़का महिला के पास गया और उनका अभिवादन कर बोला ”

नमस्ते आंटी ! मैं आपको हमेशा इन कछुवों की पीठ को साफ़ करते हुए देखता हूँ आप ऐसा किस वजह से करते हो ?”
महिला ने उस मासूम से लड़के को देखा और इस पर लड़के को जवाब दिया ”
मैं हर रविवार यंहा आती हूँ और इन छोटे छोटे कछुवों की पीठ साफ़ करते हुए सुख शांति का अनुभव लेती हूँ ।”

क्योंकि इनकी पीठ पर जो कवच होता है उस पर कचता जमा हो जाने की वजह से इनकी गर्मी पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है इसलिए ये कछुवे तैरने में मुश्किल का सामना करते है । कुछ समय बाद तक अगर ऐसा ही रहे तो ये कवच भी कमजोर हो जाते है इसलिए कवच को साफ़ करती हूँ ।

यह सुनकर लड़का बड़ा हैरान था । उसने फिर एक जाना पहचाना सा सवाल किया और बोला “बेशक आप बहुत अच्छा काम कर रहे है लेकिन फिर भी आंटी एक बात सोचिये कि इन जैसे कितने कछुवे है जो इनसे भी बुरी हालत में है ।जबकि आप सभी के लिए ये नहीं कर सकते तो उनका क्या क्योंकि आपके अकेले के बदलने से तो कोई बड़ा बदलाव नहीं आयेगा न ।

महिला ने बड़ा ही संक्षिप्त लेकिन असरदार जवाब दिया कि भले ही मेरे इस कर्म से दुनिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं आयेगा ,लेकिन सोचो इस एक कछुवे की जिन्दगी में तो बदलआव आयेगा ही न । तो क्यों हम छोटे बदलाव से ही शुरुआत करें ।

क्या समझे आप सब इस कहानी से ??


आप भी किसी विशेष समय का इंतजार मत कीजिए किसी नई चीज को शुरू करने के लिए ,जो भी है वो आज और अभी है । आज से ही प्रयास शुरू कर दे । जिस योगा करने की आदत को आप बरसों से टालते आ रहे हैं उसे शुरू कर दे ,यकीन मानिए फायदे में रहेंगे।

अपने मन के मुताबिक अच्छा समय इस जीवन में आना तो मुश्किल है, इस रोलरकोस्टर राइड को वक़्त रहते एन्जॉय करना शुरू कर दे।जीवन रूपी चिड़िया के उड़ने के पहले ।एक छोटी शुरुआत ही बड़ा बदलाव ला सकती है। कल कभी नहीं आयेगा और जब आयेगा तो अपने साथ अलग कामों की लिस्ट लाएगा और आप फिर से उस महत्वपूर्ण काम को टाल देंगे जो कि एक अच्छे समय का इंतजार ही कर रहा है लंबे समय से।

एक संकल्प हमारा और आपका

भारत विश्व के पाँच शीर्ष पर्यटक स्थलों में से एक है। भारत के बारे में जितना भी कहा जाए उतना ही कम है। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक इसकी खूबसूरती की कहीं कोई मिसाल नहीं है। इसीलिए यहां आने वाले सैलानी भारत को अपने दिलों दिमाग में बसा लेते हैं। भारत में अनगिनत ऐसी जगह हैं जहां पर प्रकृति ने अपनी बेहतरीन छटा को खूब बिखेरा है फिर चाहे वो ऊंची चोटियों पर मौजूद चर्च हो या फिर घाटी में बने चाय के बागान या फिर खूबसूरत हरी भरी वादियां सभी को देखकर दिल एक बार मचल ही जाता है। भारत की इन्हीं धरोहरों पर तो आखिर कहा जाता है-अतुल्य भारत....।

India is one of the top five tourist destinations in the world. What is said about India is as low as it is. There is no such example of beauty from north to south and east to west. That is why the visitors who come here sit in their hearts in India. There are innumerable places in India where nature has spread its best shade, whether it is a church on high peaks or a tea plantation planted in the valley or a beautiful green pledge, seeing everyone, the heart is once crushed . The same is said to be on India's heritage - Incredible India ...!